आदर्श अभिभावक आदर्श विद्यार्थी (हिंदी)
by Satguru Shri Wamanrao Pai
सद्गुरू श्री वामनराव जी पै द्वारा लिखित "अमृत मंथन" ग्रंंथ में सद्गुरू जी ने संसार और परमार्थ दोनों को सफल बनाने का मार्ग बताया है। सद्गुरू जी कहते हैं, "संसार में तथा परमार्थ में विचार तथा आचरण इन दोनों का बड़ा महत्व है। जीवन की नींव ही हमारे विचार हैं और विचारों के अनुसार ही आचरण होता है। शुभ विचार निरंतर करने से हमें सबकुछ प्राप्त होता है क्योंकि करना याने सही मायने में मांगना है। " और ईश्वर से कैसे मांगे इसका मार्गदर्शन सदगुरू जी बखूबी करते हैं। साथ ही परमार्थ में इन्हीं शुभ विचारों को ईश्वर सुमिरन से दिव्य बनाना है। इसके लिए ईश्वर, साधना, नामस्मरण का महत्व, शिव शक्ति, व्यास पूर्णिमा जैसे गहन विषयों पर प्रस्तुत ग्रंथ में सदगुरु जी ने प्रकाश डाला है। इस ग्रंथ में प्रस्तुत ज्ञान से कई साधक संसार (घर-गृहस्थी) की जिम्मेदारियां सही ढंग से निभाते हुए परमार्थ में भी प्रगति कर रहें हैं। सरल एवं आसान भाषा के कारण यह ग्रंथ जनमानस में काफी लोकप्रिय रहा है।
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